भारतीय शेयर बाजार इस वक्त दबाव में है और निवेशकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
21 जनवरी को बाजार लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने चार महीने के निचले स्तर पर फिसल गए हैं। निफ्टी ने 25,000 का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ दिया, वहीं सेंसेक्स दिन में एक समय 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया।
ऐसे माहौल में सबसे बड़ा सवाल यही है—
क्या 1 फरवरी 2026 के बजट से पहले शेयर बाजार में तेजी लौटेगी या गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा?
आज बाजार में क्या हुआ?
कारोबार के दौरान बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
सेंसेक्स एक समय 1056 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी ने 25,000 का अहम लेवल तोड़ दिया। हालांकि निचले स्तरों पर खरीदारी आई और बाजार ने अपने कुछ नुकसान की भरपाई की, लेकिन क्लोजिंग के समय सेंटीमेंट कमजोर ही रहा।
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सेंसेक्स करीब 270 अंक नीचे बंद हुआ
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निफ्टी 25,157 के आसपास बंद हुआ
यानी साफ है कि खरीदारी तो हो रही है, लेकिन निवेशकों का भरोसा अभी पूरी तरह नहीं लौटा है।
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शेयर बाजार दबाव में क्यों है? 3 बड़ी वजहें
1️⃣ ग्लोबल टेंशन बढ़ी
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार की सबसे बड़ी चिंता इस समय ग्लोबल अनिश्चितता है।
अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, नए टैरिफ की आशंका और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक बयानबाज़ी ने वैश्विक बाजारों में रिस्क-ऑफ माहौल बना दिया है।
जब भी ग्लोबल लेवल पर तनाव बढ़ता है, निवेशक शेयरों से दूरी बनाते हैं—और इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है।
2️⃣ FII की लगातार बिकवाली
दूसरी बड़ी वजह है विदेशी निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली।
साल 2026 की शुरुआत से अब तक विदेशी निवेशक ₹32,000 करोड़ से ज्यादा भारतीय शेयर बाजार से निकाल चुके हैं।
इसके साथ ही:
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रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर
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डॉलर इंडेक्स मजबूत
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निवेशक सेफ हेवन एसेट्स की ओर झुकाव
इन सब कारणों से FII फिलहाल जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहे।
3️⃣ कमजोर अर्निंग सीजन
कमाई के मोर्चे पर भी बाजार को अब तक कोई बड़ा पॉजिटिव सरप्राइज नहीं मिला है।
आईटी, रियल एस्टेट और कुछ कंज्यूमर सेक्टर्स के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे हैं, जिससे निवेशक और सतर्क हो गए हैं।
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📌 वैल्यू निवेश का मौका?
स्वास्तिक इन्वेस्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा मानते हैं कि बजट से पहले आई यह गिरावट डराने वाली नहीं बल्कि वैल्यू तलाशने का मौका हो सकती है।
उनके अनुसार:
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बड़े प्राइवेट बैंक अब आकर्षक वैल्यूएशन पर
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HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank, Federal Bank जैसे शेयरों में धीरे-धीरे निवेश का मौका
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चुनिंदा PSU शेयरों में स्ट्रक्चरल मजबूती बरकरार
उन्होंने ONGC, Bharat Electronics और Hindustan Copper जैसे शेयरों का भी जिक्र किया।
📌 FMCG बना सकता है सुरक्षा कवच
संतोष मीणा का मानना है कि उतार-चढ़ाव के दौर में FMCG सेक्टर पोर्टफोलियो के लिए सुरक्षा कवच का काम कर सकता है, क्योंकि इन कंपनियों की कमाई अपेक्षाकृत स्थिर रहती है।
निफ्टी के लिए कौन-सा लेवल सबसे अहम?
तकनीकी नजरिए से निफ्टी 25,000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है।
यह सिर्फ एक मनोवैज्ञानिक आंकड़ा नहीं, बल्कि निफ्टी का 200-Day Moving Average भी इसी के आसपास है।
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अगर निफ्टी 25,000 के ऊपर टिकता है → बजट से पहले राहत भरी तेजी संभव
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अगर यह स्तर टूटता है → गिरावट 24,900 या उससे नीचे तक जा सकती है
अगले कुछ दिन बाजार की दिशा तय करने में बेहद अहम होंगे।
सभी एक्सपर्ट्स इतने आशावादी नहीं
SBI Securities के सनी अग्रवाल का कहना है कि फिलहाल बाजार घरेलू फैक्टर्स से ज्यादा ग्लोबल घटनाओं से संचालित हो रहा है।
रुपये की कमजोरी, FII बिकवाली और गोल्ड-सिल्वर में तेजी यह दिखाती है कि निवेशक अभी जोखिम से दूरी बनाए हुए हैं।
अजीत मिश्रा (Religare Broking) के अनुसार,
निफ्टी के 200-DMA से नीचे फिसलने के बाद तकनीकी तस्वीर कमजोर हुई है।
हालांकि ग्लोबल तनाव में थोड़ी भी राहत आती है तो शॉर्ट-टर्म रैली संभव है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
इस समय एक्सपर्ट्स की सलाह साफ है:
✔ बड़ा दांव लगाने से बचें
✔ SIP और चरणबद्ध निवेश पर फोकस
✔ क्वालिटी शेयरों में गिरावट पर खरीद
✔ कैश और डिफेंसिव सेक्टर्स में संतुलन
✔ धैर्य सबसे बड़ा हथियार
निष्कर्ष: Budget 2026 से पहले सतर्कता जरूरी
बजट से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
अगर निफ्टी 25,000 के ऊपर टिकता है तो राहत की सांस मिल सकती है, लेकिन जब तक ग्लोबल अनिश्चितता और FII बिकवाली जारी है, तब तक पूरी तेजी की उम्मीद करना जल्दबाज़ी होगी।
फिलहाल निवेशकों के लिए संतुलन, धैर्य और रणनीति ही सबसे सही रास्ता है।